उपयोग की शर्तें
आपके मंडल और हमारे बीच का क़रार. पढ़ा जा सके इसलिए लिखा, छोड़ा जा सके इसलिए नहीं.
अंतिम बदलाव: २३ अगस्त २०२६
यह सेवा क्या है
वर्गणी मंडल की आमदनी और खर्च दर्ज करने का साधन है. क्या जमा हुआ और क्या खर्च हुआ यह लिखने और दानदाताओं को रसीद देने में यह मदद करता है.
यह ऑडिटर, लेखाकार, क़ानूनी या कर सलाह नहीं है. आपकी प्रविष्टियाँ आपकी ज़िम्मेदारियाँ पूरी करती हैं या नहीं, यह आपकी समिति और आपका ऑडिटर तय करेंगे.
आपके मंडल का पैसा हम कभी नहीं रखते, नहीं हिलाते और नहीं लेते. दान सीधे दानदाता और उसे लेने वाले के बीच होता है.
आपका खाता
आप Google खाते से साइन इन करते हैं और उससे जो होता है उसकी ज़िम्मेदारी आपकी है. लगे कि वह खाता किसी और के पास है तो तुरंत बताएँ.
मंडल बनाने वाला सुपर एडमिन बनता है और तय करता है कि कौन शामिल हो और हर सदस्य क्या कर सके. सदस्य को स्वीकृति देना आपका निर्णय है, और फिर उन्हें क्या दिखेगा यह भी.
आप जो दर्ज करते हैं
आपके मंडल की प्रविष्टियाँ आपकी हैं. उनका सही होना, और दानदाता का नाम व मोबाइल नंबर दर्ज करने का उचित आधार होना आपकी ज़िम्मेदारी है.
दानदाता का मोबाइल नंबर डालकर आप पुष्टि करते हैं कि वे WhatsApp पर रसीद पाने को तैयार हैं.
आप सहमत हैं कि इस सेवा का उपयोग कुछ ग़ैरक़ानूनी दर्ज करने, या दानदाता को रसीद के अलावा कुछ भेजने के लिए नहीं करेंगे.
प्लान और भुगतान
वित्तीय वर्ष में ₹५०,००० तक जमा करने वाला मंडल कुछ नहीं देता. उससे ऊपर, नई प्रविष्टियाँ चलती रहें इसके लिए आपकी वार्षिक जमा के अनुरूप प्लान चाहिए.
प्लान शुरू होने के दिन से एक साल चलता है, वित्तीय वर्ष के अंत तक नहीं. कुछ अपने आप नवीनीकृत नहीं होता और कार्ड विवरण सहेजा नहीं जाता.
प्लान ख़त्म होने पर मंडल मुफ़्त स्तर पर लौट आता है. हर प्रविष्टि, रिपोर्ट और रसीद वैसी ही रहती है.
दरें भारतीय रुपयों में हैं और बदल सकती हैं. बदलाव का असर पहले से भरे प्लान पर कभी नहीं पड़ता.
उपलब्धता
सेवा चालू रखने की हम कोशिश करते हैं, पर वह कभी बंद नहीं होगी ऐसा वादा नहीं करते. ऐप बिना नेटवर्क दर्ज करता है और जब हो सके तब मिला लेता है.
रसीद पहुँचाना WhatsApp पर निर्भर है, जो हमारे हाथ में नहीं. संदेश न पहुँचे तो रसीद का क्रेडिट लौटा दिया जाता है और रसीद आप ख़ुद साझा कर सकते हैं.
बंद करना
आप कभी भी सेवा इस्तेमाल करना बंद कर सकते हैं, और सुपर एडमिन ऐप से ही मंडल बंद कर सकता है.
ग़ैरक़ानूनी इस्तेमाल या दानदाताओं को परेशान करने वाला खाता हम रोक सकते हैं. जहाँ संभव हो, कारण पहले बताएँगे.
ज़िम्मेदारी की सीमा
सेवा जैसी है वैसी दी जाती है. क़ानून जहाँ तक अनुमति दे, अप्रत्यक्ष या परिणामी नुक़सान के लिए हम ज़िम्मेदार नहीं.
जहाँ ज़िम्मेदारी टाली नहीं जा सकती, वह दावे से पहले के बारह महीनों में आपके मंडल द्वारा हमें दी गई राशि तक सीमित है.
लागू क़ानून
ये शर्तें भारतीय क़ानूनों के अधीन हैं और महाराष्ट्र के न्यायालयों का क्षेत्राधिकार है.